सर्वे भवन्तु सुखिन:
सर्वे सन्तु निरामया:।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु।
मा कश्चित् दु:खभाग भवेत् ।।
सभी सुखी होवें,
सभी रोगमुक्त रहें,
सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें,
किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े
vi. Parvatasana ( Hill Posture):
Technique:-

पर्वतासन - प्रथम पद्मासन से बैठें ।
तत्पश्चात् पूरक द्वारा उदर को श्वास से भर लें पश्चात् सीने को बलपूर्वक फुला दें ।
और दोनों हाथों को ऊपर उठा कर आकाश की और तान दें ।
यथाशक्ति कुम्भक रखकर दोनों नथुनों से श्वास को शनै-शनै: रेचक करते हुए पूर्व-स्थिति में आ जायें ।
इस प्रकार से तीन से पाँच बार तक इसका अभ्यास करें ।

Benefit:-लाभ - इससे प्राण-शक्ति बलिष्ठ होती है । छाती का विकास और फेफड़ों का शोधन होकर बल बढ़ता है ।