सर्वे भवन्तु सुखिन:
सर्वे सन्तु निरामया:।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु।
मा कश्चित् दु:खभाग भवेत् ।।
सभी सुखी होवें,
सभी रोगमुक्त रहें,
सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें,
किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े
v. Gomukhasana ( Cowface Posture )
Technique:

गोमुखासन - बायें पैर को घुटने से मोड़कर एड़ी दायें नितम्ब के समीप में रखे,
फिर दायें पैर को मोड़कर एड़ी को वाम नितम्ब के पास इस प्रकार से रखें कि वाम जानु पर दक्षिणा जानु स्थापित हो जाये ।
अनन्तर समकाय होकर दोनो हाथों की अड्गुलियों को परस्पर फँसाकर जानुओं के अग्रभाग पर जमा लें;
अथवा दायीं भुजा को मोड़कर कोहनी को ऊपर सिर की ओर करके पीठ की ओर लअ जायें,
फिर बायीं भुजा को भी मोड़कर कोहनी को नीचे से पीठ की ओर ले जाकर दोनों हाथों की अुगलीयों को परस्पर बाँध लें ।
यथा सम्भव इसी स्थिति में बैठकर हाथ-पैर बदल करके भी इसका अभ्यास करें ।

Benefit:-लाभ - यह आसन घुटनों को शक्तिशाली, पैरों की नसों को दृढ़ करता तथा अण्डकोषों की वृद्धि को रोकता है ।
जप स्वाध्याय आदि के लिए भी उपयुक्त है ।